Wednesday, 16 January 2013

मधुमेह अर्थात डायबिटीज की देश से समाप्ति का प्रयास |


मधुमेह  अर्थात  डायबिटीज की 

देश से समाप्ति का प्रयास. 


---:   जनकल्याणार्थ सूचना   :---



 आँखों  से  देखे  अनुभव  के  कारण  प्रस्तुत  है  संक्षिप्त  जानकारी 


  ::  डायबिटीज रोग के मरीज को   ::

रोग से बचाव के लिये 



* *  महत्वपूर्ण नविन आविष्कार  * *

डायबिटीज रोकें। ना गोली- इंजेक्शन, ना कसरत या साइडइफेक्ट। 

हर दिन १/२ घंटा हाथों में उपकरण पकड़ना, शक्कर घटेगी। 

............................................................................................. चंद्रकांत वाजपेयी.


{जेष्ठ नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता}  औरंगाबाद 


chandrakantvjp@gmail.com  मोबा. क्र. : - ०९७३०५००५०६.

Tuesday, 15 January 2013

देखो, " अपने प्यारे भारत देश के ये दो सरदार "

सुबह - सुबह पोता  बोला 
दादा जी देखो,
" अपने प्यारे भारत देश के ये दो सरदार "


एक सरदार जिनके राज में  
भारतवासी और देश के 
सैनिको का सर उंचा होता था 
हमारा कलेजा गर्व से फूला न समाता था 
   

एक सरदार जिनके राज में
भारतवासी और देश के 
सैनिको का सर उंचा होता
दुश्मन हाथ जोडता फिरता और  भारतीयो को लोहा  मानता 
 देशवासियो का  कलेजा  गर्व  से  फूला  न  समाता
मेरे  भारत का  इतिहास  गौरवशाली  कहलाता 
मेरे  भारत का  इतिहास  गौरवशाली  कहलाता ।

लेकिन 

 ये  दुसरे  सरदार  जिनके  राज  में 
भारतवासी और देश का सिर शर्म से झुक जाता 
भारत के सैनिक का सर काटा जाता, और 
 कटा सिर दुश्मन  उठाकर  ले  जाता  

भारत कि जनता  आग बाबुला  हो  जाती 
पर ६ दिन तक सरदार की ओर से कठोरता न दिखती  
सैनिक  की  माता  और  पत्नी  अपना सर पिटती 
भूख  हडताल  करनें   को  मजबूर  हो  जाती 
आसूओं की बाढ न थमती,  दु:खी मां और वीर शहिद की पत्नी 
कटा  सिर  लाकर  देने  को वह कहती ।

परंतु  सरदार के कलेजे का खून  क्यो  ना खौलता  ?
एक  के  बदले  दस  सर लाकर देने  का  वचन  क्यो  ना मिल पाता ?
  जब  विरोधी राजनेता दु:खी परिवार की  मांग का समर्थन करता 
तब कही भारत के इस नये  कालिमा भरे  इतिहास को गोरा करने का 
सफल  प्रयास  होता  देखने   को  मिलता ।



 आखिर  ' देर  आये  दुरुस्त आये  ' 
बस  इतना ही,  हिंदुस्तान  का  आम  आदमी  कहता 
वह  भारत मां  की रक्षा हेतू,  सरदार का साथ निभाता 
मेरा  पोता सोचता कि "दूसरा  सरदार  हमेशा मजबूर क्यो हो जाता?" बिना  किसी  के कहे, वह  कोई पहल  क्यो  न  करता  ?
देश के हिफाजत या विकास का समय पर निर्णय क्यो न होता ?

  ' दुसरे सरदार  की   गतिविधियो '   से 
 इतिहासकार "काला इतिहास"  लिखने  को मजबूर हो जाता, 
और  बेहद दु:ख है कि दुसरे सरदार का इतिहास 
कालिमा भरा लिखा जाता, कलेजा फटा -फटा सा रह जाता ।

Monday, 14 January 2013

युवा पुढाकार प्रशंसनीय, पण...............घर ना डूबे ही काळजी आवश्यक.


  • लोकसभा निवडणूक राहुल                  

    यांच्यानेतृत्वाखालीचonline2.esakal.com


    युवा पुढाकार प्रशंसनीय,  पण  घर ना डूबे


    •        सुखाची बाब आहे की कौंग्रेस पक्षानें तरुण नेतृत्वास 

      पुढाकार देण्याचे ठरविले आहे. निश्चितच हे स्वागत योग्य आहे, 

      पण युवा नेता श्री राहुल गांधी यांना अजून " राष्ट्रभक्ति, माणुसकी 

      आणि राष्ट्रधर्म " शिकण्याची गरज आहे." लक्षात असू द्यावे कि 

      राष्ट्रीय नेतृत्व करणार्या इसमास या उल्लेखित कृतीतून स्थापित 

      व्हावेच लागते. सामान्य जनतेस हे अपेक्षित असते.जर ही अपेक्षा 

      पूर्ण होत नसेल तर सामान्य जनता अशा नेतृत्वास अपरिपक्व 

      नेतृत्व आहे असा विचार करते आणि अशा अपरिपक्व नेतृत्वास 

      स्वीकार करायला तयार होत नाही. श्री राहुल गांधीच्या नेतृत्वात 

      झालेल्या उत्तर प्रदेशातील निवडणुकाचे परिणाम वरीलसिद्धान्ताचे 

      जिवंत प्रमाण आहे.


                                         


      श्री राहुल गांधी यांना अजून " राष्ट्रभक्ति, माणुसकी आणि राष्ट्रधर्म 

      " शिकण्याची गरज आहे असे लिहिण्याचे कारण असे की 

      आतापर्यंत त्यांचा राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय - सर्वत्र रोष निर्माण 

      करणार्या, विभिन्न दु:खद व कटु घटनांच्या संदर्भात उदा

      सीन व्यवहार आढळला आहे. नमूद पद्धतिच्या प्रसंगान्वर राष्ट्रिय 

      नेतृत्व करण्यासाठी त्यांनी कधीच पुढाकार घेतला नाही व 

      प्रतिक्रया दिली नाही. राष्ट्रीय नेत्याकडून जनतेस हे वर्तन अपेक्षित 

      नसते. निश्चितच त्यांचे हे वर्तन हे कौंग्रेस पक्षास महाग पडू 

      शकेल. 

      वर्त्तमान घटनांतील उदाहरणे बघा :-- अमानवीय विभत्स स्त्री 

      बलात्कार घटना, ओवेसी चे देश तोड़क वक्तव्य, पाकिस्तान तर्फे 

      सीजफायर उल्लंघन, पाक कडून दोन भारतीय बहादुर सैनिकांची 

      निर्मम हत्या व एका सैनिकाचे शिर छेदन व शिर अपहरण, या 

      बहादुर सैनिकांच्या शोकाकुल परिवारास धाडस बांधणे व अंत-

      विधि प्रसंगी उपस्थिति न दर्शविणे या मानवीय कर्तव्य पासून 

      राहुलजींची अलिप्तता इत्यादि.



      खर्या राष्ट्रीय स्तराच्या नेत्यास अशा सर्व प्रसंगात अलिप्त राहणें 

      तसेच असहायक किंवा प्रतिक्रया विहीन राहणें शोभायमान 

      नाही, तेव्हा कॉंग्रेस पक्षानें श्री राहुल गांधी यानां वरील विषयाचे 

      व्यावहारिक शिक्षण दिले तर खरोखर पक्षाचे आणि देशाचे भले 

      होइल. काय कॉंग्रेस पक्ष या कडवट औषधाचे प्राशन करून 

      प्रकृति धड़धाकट ठेवण्याचा प्रयत्न करेल का ?



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Saturday, 12 January 2013

युवा राजनीतिज्ञ " राष्ट्रभक्ति, इंसानियत और राष्ट्रधर्म " समझते है ?

१२ / ०१ / २०१३.


सर्वेक्षण हो की आज के युवा राजनीतिज्ञ 



" राष्ट्रभक्ति, इंसानियत और राष्ट्रधर्म " समझते है ? 


सर्वेक्षण अनुसार हर राजनेता की श्रेणी क्या हो ?





भारत के शासकीय सर्वेक्षण विभाग के अधिकारी जी, आपके अपनें देश के विद्वान युवा दार्शनिक जिन्होनें विश्वभर में भारत की प्रतिष्ठा स्थापित की थी, उस महान विभूति स्वामी विवेकानंद जी की आज १५० वी जयंती है । इस अवसर पर कृपया सोचिये और इस विषय पर सर्वेक्षण / अध्ययन करवाइये कि क्या आज भारत का हर युवा व्यक्ति " राष्ट्रभक्ति, इंसानियत और राष्ट्रधर्म " का अर्थ समझनें कि क्षमता रखता है ? अथवा नहीं ? कुछ युवाओं को किन - किन कारणों से " राष्ट्रभक्ति, इंसानियत और राष्ट्रधर्म" के व्यवहार से परहेज हो सकता है ? सर्वेक्षण के आधारों में स्वामी विवेकानंद जी के वचन " जो जैसा सोचता है, समझता है वह वैसाही व्यवहार करता है।" सम्मिलित रहे । किन -किन कारणों के आधार पर कौन - कौन युवा राजनेता किस श्रेणी के अनुकूल है उजागर करे ।
राष्ट्रीय स्तर के प्रधानमंत्री पद के संभावित / दावेदार युवा राजनेता श्री राहुल गांधी जी श्री नरेन्द्र मोदी जी और श्री अरविंद केजरीवाल जी के सम्बन्ध में यह घोषणा अवश्य हो जिससे देश का भला हो । 


सम्माननीय अधिकारी जी उठो, जागो और लक्ष प्राप्त करो........ स्वामी विवेकानंद.

क्या " राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन " अपनें आप को राजनीतिज्ञों और सत्ता के दबाव से मुक्त रखकर कार्य करनें वाला और पूरीतरह नि:ष्पक्षता पूर्वक कार्य करनें वाला शासकीय विभाग होने का गौरव प्राप्त करेगा ?


Friday, 11 January 2013

ग्वालियर के सम्माननीय जिलाधिकारी जी, अवार्ड प्राप्ति के लिए ' बधाई,' '' हार्दिक अभिनन्दन '' ,

11 - 01 - 2013.     

WE HEARTFULY WISH ONCE AGAIN, A NATIONAL AWARD 

SHRI P. NARHARI JI, YOU BE HONOURED BY SUCH AWARD.


मान्यवर, अवार्ड प्राप्ति के लिए

' बधाई,'   '' हार्दिक अभिनन्दन '' ,





आदरणीय पी. नरहरि जी हमारा आपको वंदन.

ग्वालियर के सम्माननीय जिलाधिकारी जी, बार - बार विनंती है कृपया 
सूचना के अधिकार कलम चार(४) का उपयोग करके कर्तव्य निभाएं व 
देश के सामनें '' आर्थिक पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्थाओं की स्थापना का 
आदर्श प्रस्तुत कराये।" जिले के हर सरकारी कार्यालय के प्रत्येक दिन के 
आय - व्यय के ब्योरें की जानकारी प्रतिदिन आरटीआय कलम चार(४) 
अंतर्गत कार्यालय के मुखिया द्वारा सूचना पटल पर चस्पा कर इसे 
सार्वजनिक करनें का काम बंधनात्मक किया जाए। सच्चे गणतंत्र की 
स्थापनान्तार्गत इस कृति के द्वारा आप पुन: राष्ट्रीय पुरस्कार पायें, यही 
हमारी इच्छाएँ और आपके लिए इस हेतु विशेष शुभेच्छाए.
Email :-  chandrakantvjp@gmail.com  +91 9730500506 begin_of_the_skype_highlighting            +91 9730500506      



सरकारी अधिकारीना आरटीआय कायद्याचे पालन करणे नफ्याचे कसे ?