Saturday, 5 October 2013

नागरिकों के भावी संकट के समाधान हेतु यह महत्वपूर्ण है. अत: इसे हर भारतीय नें पढना और पढ़ाना जरुरी है. "



नागरिकों के भावी संकट के समाधान हेतु महत्वपूर्ण 


" इसे हर भारतीय नें पढना और पढ़ाना जरुरी. "



CHANDRAKANT VAJPEYI @chandrakantvjp 25m

@narendramodi @BeWithRG Declining petro well be next big

problem. So will U use publuc transpot oneday @ week ?



YES/NO & motivate the same ?

Expand 



                     
देश के भाइयों और बहनों, आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी और

आदरणीय श्री राहुल गांधी जी को संयुक्तरूप से देश और विश्व की जरुरत 


तथा संभावित भावी समस्या के बारे में उपरोक्त ट्वीट करके उत्तर माँगा है.


यह तो स्पष्ट है कि विदेशों से पेट्रोल-डीजल लेना हमारी मजबूरी है और

इन चीजों की कमी होनें पर भाव बढ़ जाते है | अनुभव बताते है कि 


पेट्रोल-डीजल की कमी से विदेशी मुद्रा की दर हमेशा बढ़ जाती है जिससे 

देश में भी महंगाई बढती है, और बढती महंगाई की तगड़ी मार हम 

नागरिकों को झेलनी पड़ती है | सोचिये दोनों महानुभाव क्या उत्तर देंगे ? 

इस पर आपकी क्या राय है ?  
" कृपया अवगत कराएं कि आपका क्या मत है ? "                



" क्या दोनों महानुभाव उत्तर देंगे ? "       अथवा                      

" क्या दोनों राजनेता उत्तर नहीं देंगे ? "

दोनों आदरणीय महानुभावों को ट्वीट                                       
किया गया मसौदा आपनें शुरू में ही पढ़ा है |                               
यदि ठीक समझें तो कृपया आप भी उन्हें उक्त प्रश्न पूंछकर 
देश की भावी संभवनीय बड़ी समस्या को हल करानें की दिशा में प्रेरित 
करें | विश्वास है कि आप देश के प्रति अपना नागरिक कर्त्तव्य करके उन्हें 
प्रश्न पूछेंगे क्योंकि आप और हम सामान्य नागरिक ही भारतीय संविधान 
के अनुसार देश के संचालक है| संविधान के अनुसार हमारा हमारा नैतिक 
दायित्व है कि हम देश के मंत्री,सांसद,विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि 

या शासकीय अधिकारी व कर्मचारी जो देशहित कार्यार्थ सारे देश के  
वेतन भोगी सेवक है,उन्हें समय समय पर सहयोग करे व आवश्यकताओं 
के अनुसार समस्याओं के हल के बारे में उनकी योजना के बारे में प्रश्न पूंछें व सुझाव देवें | यदि राजनेताओं की कार्यवाही / योजना देशहित में नहीं 
हो तो ऐसी नकारात्मक व्यवस्था को सकारात्मक बनानें के लिए निर्भीक
होकर कर्त्तव्य करें | धन्यवाद.

Friday, 4 October 2013

--: एकविरा आईची आरती : ---


नवदुर्गा नवरात्री घट स्थापना दिवस 
प्रतिपदा, आश्विन, शुक्ल पक्ष, 2070 विक्रम सम्वत 

माझी एकच प्रार्थना एकविरा माते 

 सर्व जीव सुखानें नांन्दू दे माते |

कोटी कोटी नमन माते 

कोटी कोटी नमन|



सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । 

शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
                               


Aai Ekveera Aarti.


via YouTube




Wednesday, 18 September 2013

सरकार प्रचलित आर्थिक प्रणाली को खत्म करे और महंगाई, भ्रष्ट्राचार व रुपये के अवमूल्यन रोकनें वाले 'अर्थक्रांती जनसंसद के ५ प्रस्ताव' लागू करें |

    भारत का यह नकारात्मक चरित्रकेवल पैसा और सत्ता की भूख " के कारण हो रहा है | सच्चे राष्ट्रप्रेम और नैतिक चारित्र्य के अभाव के कारण देश की यह दुर्गति बनी है | आइये, इस चरित्र को बदलें सच्ची देशभक्ति का आदर्श स्थापित करें | देश का यह नकारात्मक चरित्र बदलनें के लिए निर्भीक होवें और " अर्थक्रांती जनसंसद के ५ प्रस्ताव " समझकर अपनें देश व परिवाजनों की सुरक्षा तथा भावी सुखद भविष्य के लिए देश के आर्थिक नियोजन पद्धती को पूरी तरह से बदलनें का एक मंगलकारी काम करें :----आज देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो गयी है | प्रचलित अर्थव्यवस्था से विश्व कर्ज का बोझ अधिकतम, डॉलर की अधिक किंमत, और भारतीय रुपये का अवमूल्यन हुआ है | परिणामत: भयंकर महंगाई व जीडीपी ग्रोथ में गिरावट | यह कटु सत्य है कि इस स्थिति के उदगम का कारण देश में भ्रष्ट्राचार व अनैतिकता का हाबी होंना तथा सत्ता-पद और पैसे द्वारा इन दुष्कृत्यों को पूरा संरक्षण मिलना है, अन्यथा क्यों सर्वोच्च न्यायालय को विधायिका के कार्यों पर कठोर टिपण्णी करना और संसदीय कार्यों में हस्तक्षेप करके कठोरतम आदेश प्रसारित करना आवश्यक होता ? | प्रिय बंधू - भगिनी, हम इस पर राजनीति नहीं करे परन्तु देश अवश्य बचाएं ।इसलिए निम्न ५ प्रस्तावों के पत्र भेजे जा रहे है | आप भी भेजे / मित्रों - शुभचिंतकों से भिजवाएं |
  • आओ, सब मिलकर वर्त्तमान अर्थव्यवस्था को बदलें और 
    " अर्थक्रान्ती जनसंसद के निम्न ५ प्रस्ताव अमल मे लाये. " अर्थक्रांती जनसंसद, का प्रधानमंत्री पद के भावी उम्मीदवार श्री नरेन्द्र मोदी जी और श्री राहुल गांधी जी को विनम्र विशेष आग्रह.  ...............…………………….….…….  अर्थक्रांती जन संसद, औरंगाबाद.
    माननीय प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह जी, प्रधानमंत्री पद के नये दावेदार श्री नरेन्द्र मोदी जी, संभावित दावेदार श्री राहुल गांधी जी, भाजपा अध्यक्ष मा. राजनाथ सिंह जी, एन.डी.ए. के सभी घटक दलों के प्रमुख, कॉंग्रेस अध्यक्ष व यूपीए चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी जी, और यूपीए के सभी घटक दलों के प्रमुखजन, यह विनम्र आग्रह है कि क्रुपा करके देश की सच्ची प्रगति व आर्थिक सुरक्षा के लिए केवल " अर्थक्रान्ती जनसंसद के निम्न ५ प्रस्ताव अमल मे लाये." |  

    ---: अर्थक्रांति जनसंसद ' के ५ प्रस्ताव
    :---
    (१) प्रचलित कर पद्धति पूरी तरह से बंद की जावे.
    [ अपवाद :-- कस्टम ड्यूटी या आयात कर ]
    : स्मरणीय :
    वर्तमान में नागरिक ३२ प्रकार के करों का भुगतान कर रहे है |
    ( २ ) सभी स्तरों के सरकारी राजस्व व्यवस्थाओं के लिए 
    केवल एक कर हो  '' बैंक - व्यवहार कर ''

    * बैंक के हर जमा खाते यानी रिसीविंग एन्ड अकाउंट पर उपभोक्ता के प्रत्येक आर्थिक व्यवहार की स्थिति में एक निश्चित दर से कुछ राशि कटौती की जाकर सरकारी राजस्व प्रबंध किया जाए ।  ( उदा. : २% प्रति व्यवहार ) |
    [ इससे यह लाभ होगा की हर नागरिक को वर्त्तमान में लग रहे ३२ प्रकार के करों की अदायगी से मुक्ति मिल जायेंगी, साथ ही साथ उन्हें किसी भी प्रकार के रिटर्नस फ़ाइल नहीं करनें पड़ेंगे और टैक्स रिटर्न्स के झंझट से मुक्ति मिल जावेगी | टैक्स कम लगनें से नागरिकों को महंगाई से भी राहत मिलेगी । ]
    * उक्त २% कटोती निम्न खातों में लिखेनुसार तत्काल जमा कराइ जावे :- {अ} केंद्र -सरकार(उदा. ०.७०%), {ब} राज्य सरकार (उदा. ०.६०%), {स} स्थानीय प्रशासन (०.३५%) और {द} स्वत: बैंक के लिए ( उदा. ०.३५%) 


    ( ३ ) ५० के ऊपर के सभी नोट बंद करके 
    चलन के बाहर किये जावें ।  
    [ उदा. १००, ५००, १००० के नोट बंद हों ] | 
    जिससे राष्ट्रिय राजस्व में अत्याधिक वृद्धि और राष्ट्र व नागरिकों की प्रामाणिकता से प्रगति होगी |

    (४) नगदी व्यवहार के लिए टैक्स पर पाबंदी ।
     / नगदी व्यवहार पर कोई कर या टैक्स नही ।

    (५) सरकार द्वारा विशिष्ट आर्थिक सीमा तक ही 
           नगदी व्यवहारों को मान्यता अपेक्षित.
    [ उदा.२००० रु नगद व्यवहार पर कोई टैक्स नहीं ]
    परिणाम : देश का सुदृढ आर्थिक कोषं व राष्ट्र का सच्चा विकास ।
     …… अर्थक्रांती जनसंसद, औरंगाबाद द्वारा देशहित में प्रसारित । 

    ------------- विशेष महत्वपूर्ण -------------

    अर्थक्रांती के उक्त ५ प्रस्तावों को गलत सिद्ध करनें पर ५ करोड का पुरस्कार घोषित है | यह घोषणा स्वयं इस विषय की स्थापना, महत्त्व,  आवश्यकता और गंभीरता को स्पष्ट करती है |
    ---------------------------- संपर्क --------------------------
    (१) श्री अशोक सब्बन. अध्यक्ष
    " अर्थक्रांती जनसंसद,महाराष्ट्र राज्य समिति " 9422083206.

    (२) श्री प्रभाकर कोंढाळकर, सचिव,
    "अर्थक्रांती जनसंसद, महाराष्ट्र राज्य समिति " 9422031825.

    (3) श्री रामराव नामदेव बोर्डे (नाना), जिल्हाध्यक्ष. 
    " अर्थक्रांती जनसंसद, औरंगाबाद "  9860206825.
    (4) श्री चंद्रकांत वाजपेयी, जिल्हासचिव.
    " अर्थक्रांती जनसंसद, औरंगाबाद "  9730500506.

    Email       : chandrakantvjp@gmail.com
    Website  :  
    www.arthakranti.org

Thursday, 12 September 2013

'अर्थक्रांतीजनसंसद' के ५ प्रस्ताव झूठे सिद्ध करो और 'अर्थक्रांती जनसंसद' से ५ करोड रु. का इनाम पाओ |

१२ / ०९ / २०१३.
आओ, कालापैसामुक्त और भष्ट्राचारमुक्त देश बनाओ,  
अर्थक्रांती जनसंसद के ५ प्रस्तावों को अमल में लाओ 
अर्थक्रांती जनसंसदके प्रस्तावों को संसद में पास कराओ
माँ भारती की रक्षा के लिए निडर हो जाओ. 
ईमानदारी के कदम बढाओ, ईमानदारी के कदम बढाओ 



चुनावों में लगनेंवाले कालेधन के भ्रष्ट्राचार को रुकवाओ,
नारी प्रताडना की सजा रोकनेंवाले धनको नष्ट कराओ 
माताबहनों पर हाथ डालनेवालों के खिलाफ खड़े हो जाओ 
अर्थक्रांती जनसंसदके प्रस्तावों को संसद में पास कराओ
माँ भारती की रक्षा के लिए निडर हो जाओ. 
ईमानदारी के कदम बढाओ, ईमानदारी के कदम बढाओ 



अण्णा कें जनलोकपाल,आरटीआय, और  
राईट टू रिजेक्ट को हुबहू अमल में लाओ, 
अपना देश फिर सोने की चिड़िया व विश्वगुरु बनाओ।
अर्थक्रांती जनसंसदके प्रस्तावों को संसद में पास कराओ
माँ भारती की रक्षा के लिए निडर हो जाओ. 
ईमानदारी के कदम बढाओ, ईमानदारी के कदम बढाओ 


यदि उचित ना समझो तो पीछे ना हटो, 
खड़े हो जाओ, खड़े हो जाओ  
'अर्थक्रांती जनसंसद'के ५ प्रस्ताव, झूठे सिद्ध कराओ 
'अर्थक्रांती जनसंसद'से  ५ करोड रु. का इनाम पाओ |
माँ भारती की रक्षा के लिए निडर हो जाओ.
ईमानदारी के कदम बढाओ,ईमानदारी के कदम बढाओ

ईमानदारी के कदम बढाओ  |





आओ , अब  एकबार समझ लें, जान लें कि 

 ' अर्थक्रांति जनसंसद '  के  ५  प्रस्ताव  क्या  है ?


( १ )  प्रचलित कर पद्धति पूरी तरह से बंद की जावे । 
           [ अपवाद : कस्टम ड्यूटी  या  आयात कर ]


( २ )  सभी स्तरों के सरकारी राजस्व व्यवस्थाओं के लिए केवल
        ' बैंक व्यवहार कर ' Bank Transaction Tax.लागू किया जाए ।
           
             * बैंकके हर जमा खाते यानी रिसीविंग एन्ड अकाउंट पर उपभोक्ता के प्रत्येक आर्थिक व्यवहार की स्थिति में  एक निश्चित दर से कुछ राशि कटौती की जाकर सरकारी राजस्व प्रबंध किया जाए । ( उदा. : २% प्रति व्यवहार ) 
( यह लाभ होगा की हर नागरिक को वर्त्तमान में लग  रहे ३२ प्रकार के करों कि  अदायगी से मुक्ति  मिल जायेंगी  साथ ही साथ   उन्हें किसी  प्रकार के रिटर्नस  फ़ाइल करनें की  झंझट से मुक्ति मिल जावेगी, परिणामत: महंगाई से भी राहत मिलेगी ।)
उपरोक्तानुसार बैंक द्वारा निश्चित दर पर कटौती की गई राशि को निम्नांकित संस्थाओं के राजस्व प्रबंध हेतु योग्य दरसे विभाजित करके उनके खातों में तत्काल जमा कराइ जावे  :-- 
{१}  केंद्र सरकार ( उदा. ०.७०% ),  {२} राज्य सरकार ( उदा. ०.६०% ), 
{३} स्थानीय प्रशासन ( ०.३५%) और स्वत: बैंक के लिए ( उदा. ०.३५% )

( ३ )  ५० के ऊपर के सभी नोट बंद कर चलन के बाहर किये जावें ।
[  उदा.  १००, ५००, १०००  ]


( ४ )  नगदी व्यवहार के लिए टैक्स पर पाबंदी / 

.        नगदी व्यवहार पर कोई कर या टैक्स नही ।  



( ५ )  सरकार द्वारा किसी विशिष्ट आर्थिक सीमा तक ही

नगदी 
व्यवहारों को कानूनन मान्यता की अपेक्षा | 
[ जैसे  रूपये  २००० /-  तक  के  आर्थिक  व्यवहार ]

धन्यवाद सहित,
भारत माता की जय,   वंदे मातरम.  जय हिंद.

--: निवेदक  :--

अशोक सब्बन.                                                    प्रभाकर  कोंढाळकर.
    अध्यक्ष                                                    सचिव    
अर्थक्रांती जनसंसद, महाराष्ट्र राज्य.

अन्य कार्यकर्ते :-- सर्वश्री सोपानराव चिखले, चंद्रवीर सावळे, मोहनराव   
                                  सावंत, आर. टी. वानखेडे, सत्यम जन्जिराल. 
रामाराव नामदेव बोर्ड, प्रा.ज्ञानेश्वर एच.गोराडे, साहेबराव शिंदे "गुरूजी", चंद्रकांत वाजपेयी, एकनाथ जायभाये, सतीश पवार, आर जी.देठे , मनीषा चौधरी, वैशाली पवार, तौफीक अहमद (बबलू ), शेख सज्जाद (जकी), संजय पाटिल, हनुमंत रोडे, संतोष खोमणे, रमेश बालेश्वर सिंग, दशरथ गोविंद नाणेकर, जनार्दन त्र्यम्बक मिसाळ, उत्तमराव बढे, विष्णु ढवळे. एवं अन्य  अनेक  कार्यकर्ता.
जिला कार्यसमिती अर्थक्रांती जनसंसद, औरंगाबाद.
राष्ट्रहित में उक्त सुझावों  के साथ प्रसारित एवं  प्रशासकीय अधिकारियों नागरिको व पत्रकारों को उपरोक्त  निवेदन पर  सहयोग  करनें के लिए  विनम्रता पूर्वक निवेदित  |
संपर्क  ईमेल :-- chandrakantvjp@gmail.com

Monday, 2 September 2013

A New Record on the pages of Limca Book of Records by Deepshikha Foundation Aurangabad

ALBUM
प्रिय औरंगाबादकर, 
आपल्या सर्वांच्या पर्यावरण संरक्षणासाठी
स्वत:च्या जीवाचे रान करणारी 
आमच्या  " दीपशिखा फाऊंडेशन "  ची अध्यक्ष 
सौ. मनीषा चौधरी  ' ताई '  च्या ऐतिहासिक कर्तृवास "वंदन व हार्दिक अभिनंदन."
" ताई, तुमचे कार्य सर्व जगात अमर हो "
हेच हार्दिक शुभाशिष ।

Photo


४० वर्षे व पुढील वयोगटात प्रथम राहून श्री खांबेकर साहेबां कडून बक्षीस घेताना  -      
 सौ. अंजली कुलकर्णी. सोबत  सौ. आरती जोशी, प्रतिनिधी दिव्य मराठी, औ.बाद.                                                                
              





Record holding Free Workshop by  



For making eco-friendly Shadu Maati 

Ganesha idols. 

2883 participants

supported the 
cause.

Tuesday, 27 August 2013

REQUEST FOR OPERATING ACTIONS AS GIVEN BY US IN RESPECT TO INFLATION, BLACK MONEY AND CORRUPTION.

Date :   24 / 08 / 2013 
ANNA HAZARE PRANIT,  
BHRASHTACHAR VIRODHI 
JAN ANDOLAN NYAS,  Aurangabad.   AND   

ARTHAKRANTI PRATISHTHAN, Aurangabad


-- : SUBJECT : --
REQUEST FOR OPERATING ACTIONS 
AS GIVEN BY US IN RESPECT TO 
INFLATION, BLACK MONEY AND CORRUPTION.

To,
1) The Hon’ble Prime Minister of India.
2) The Hon’ble Finance Minister of India.

Hon’ble Sir,
It’s bitter truth that today on August 22nd the value of ONE DOLLAR has been found equal to INR Rs. 65/- . It’s been observed that the value of  Indian money is regularly & speedily decreasing in global market.

It is panic but harsh truth that this negative phase of Economy is not being controlled by us (by the Govt. of India). With due respect, we 100% agree & understand that the global market is not in our hand, so we can’t control the prices of imported products.
But the cost of our own generated/cultivated or manufactured products is also highly & continuously increasing since a long period of time. Hence it is needed to control the same by us.

In such situation we would like to request and suggest to our govt. that kindly urgently manage to raise our export at peak level, for only those goods which has maximum demand in the universal market.  Please also try to manage the reduction curtailment of our imports in respect to so much unnecessary goods for a shorter period time to time.
Like you we are also aware & afraid that during above referred negative situations, the antisocial elements of our own country may also be taking an advantage to raise the black money & corruption with or without coordination of  foreigners.

Sir, you know better that the non-traceable transaction creates black money and which may increase the ratio of evading the taxes. 
If the direct taxes are paid less, we have to levy more indirect taxes unwillingly. And such burden of indirect taxes is responsible for increasing production / manufacturing cost of the Indian made products. That can be avoided by applying single point Bank Transaction Tax which will be seemingly short but generating more tax collection for the Nation rather than this current Tax system.

Therefore in terms of inevitability, we request & suggest you that kindly stop increase of black money & corruption. For this purpose please urgently manage the release of less value deno -mination currency like notes of Rs. 50/-, 20/-,10/- in Indian market more and more. Simultaneously withdraw the high denomination currency like notes of Rs. 1000/-, 500/-, 100/- from Indian market as for cash transaction such high denomination currency is mostly used for non-traceable transactions. Such currency has been stored as black money and utilized for illegal activities too by antisocialists.

Hope you will order to stop the printing of high denomination notes worth Rs. 1000/-, 500/-, 100/- & will direct to increase the printing of less denomination currency amount notes of Rs.50/-, 20/-, 10/- etc.  To find maximum positive results in respect to all above, we suggest that for each & every purchase, sell or payments against any product or services worth Rs. 5000/- or more in India, the banker’s cheque, drafts or emode payments / mobile banking will only be effective and compulsory. Valid and legal cash transaction be declared up to Rs. 5000/- and other than it would be a crime.

Hope, due to your goodness and finding above cited essential solution against current most burning problems of the country, our request would get positive reply from your end please.

Thanking You Sir,

Sincerely Non Political Organizers,

1) RAMRAO BORDE (NANA)
ANNA HAZARE PRANIT BHRASHTACHAR VIRODHI JAN ANDOLAN NYAS TEAM,  AURANGABAD. Mob:09860206825

2) VISHWAMBHAR DEVIDAS BARDAPURKAR
& ARTHAKRANTI PRATISHTHAN, AURANGABAD.
Mob: 09422206778  Email Id: vdbardapurkar@rediffmail.com

--: SUPPORTERS :--

1) Eknath Jaybhay          2)  R.G. Dethe               3)  Satish Pawar

4)  Vaishali Pawar      5)  Manisha Chaudhari        
6)  Krishsagar K.   
7)  Arun  Borse           8)  Chandrakant Vajpeyi     9)  Shaikh Sajjad 

10)  Taufiq Ahmed     11)  Gajanan Phadke         12)  Ajay Kale  

13)  Bhushan Patil      14)  Arun Phoke                15)  Ravi Dhanure  
16)  Santosh Kulkarni  17)  Pramod Belsare        18)  Anil Suradkar 

19)  Dilip Shinde   20)  Jagdish Palodkar.